ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने रूस की स्पुतनिक लाइट को अब इंडिया में भी तीसरे चरण में ट्रायल करने की अनुमति दी है। जैसे ही ये ट्रायल पूरा होता है इसे भी भारत में आपात इस्तेमाल की अनुमति मिलेगी। भारत को कोरोना के खिलाफ जंग में एक और हथियार जल्द मिलेगा। इसका ट्रायल पूरा होते ही स्की ापटल इस्तेमाल की मंजूरी मिल जाएगी।
मीडिया खबरों की मानें तो,स्पुतनिक लाइट वैक्सीन की सिंगल डोज ही कोरोना वायरस से बचाव में काफी होगी। अभी तक जो वैक्सीन भारत में इस्तेमाल की जा रही हैं, वो सभी वैक्सीन दो डोज़ वाली है। जिन्हें 84 दिन के अंतराल पर लगाया जा रहा है। रूस की स्पुतनिक लाइट वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए कोरोना के लिए बनी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने सिफारिश की थी। इतना ही नहीं कमेटी ने इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए भी सिफारिश भेजी थी, जिसे यह कहते हुए खारिज किया गया था कि वैक्सीन भी अभी तक भारत में ट्रायल नहीं हुआ है। कंपनी का कहना है कि स्पुतनिक लाइट में वही कंपोनेंट प्रयोग किए गए हैं।
क्यों ख़ास है स्पुतनिक लाइट —
जब एक असरदार स्पुतनिक वैक्सीन उपलब्ध है तो इसकी सिंगल डोज़ वाली खुराक स्पुतनिक लाइट आखिर क्या नया लेकर आने वाली है इसपर चर्चा हो रही है जसिके जवाब में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया है कि वैक्सीन के लाइट संस्करण का प्राथमिक लाभ यह है कि कोविड-19 के तेज प्रकोपों के बीच किसी देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज करने में यह सिंगल शॉट वाली वैक्सीन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। औसतन 79.4 फीसदी प्रभाविकता के साथ यह वैक्सीन बेहद ही कम कीमत 10 डॉलर प्रति डोज (करीब 743 रुपए) में खरीदी जा सकेगी।

