आज दोपहर में तमिलनाडु के नीलगिरी में सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ है जिसमें बड़ी खबर है कि सीडीएस बिपिन रावत भी उसमें सवार थे इतना ही नहीं बल्कि विपिन रावत की पत्नी व अन्य अधिकारियों समेत कुल 14 लोग भी हेलीकॉप्टर में सवार थे। वायु सेना ने हादसे का कारण जानने के लिए जांच के आदेश दे दिए हैं। आज हुए इस हादसे के बाद से उत्तराखंड में भारी चिंतित स्थिति बनीं हैं।
क्योंकि उत्तराखंड के देवभूमि के बेटे हैं और इस घटना की जानने के बाद लोग बेचैन हैं। जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रेश होने की खबर से उत्तराखंड भाजपा में गहमागहमी और चिंता का माहौल है। घटना को लेकर लगातार अपडेट लिए जा रहे हैं। भाजपा चुनाव प्रभारी बीएल संतोष ने भी आज दोपहर बाद की बैठक छोड़ दी है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पार्टी कार्यालय नहीं गए हैं।
हेलीकॉप्टर घटना में घायल हुए सीडीएस बिपिन रावत उत्तराखंड से ही जुड़ाव रखते हैं वो रावत पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लाक के सैंण गांव के मूल निवासी हैं। उनकी पत्नी उत्तरकाशी से ताल्लुक रखती है। देहरादून में जनरल बिपिन रावत का घर भी बन रहा है। जनरल बिपिन रावत थलसेना के प्रमुख रहे हैं। रिटायरमेंट से एक दिन पहले बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) पद दिया गया था।
जैसा की हम सभी जानतें हैं कि विपिन रावत ने 11वीं गोरखा राइफल की पांचवीं बटालियन से 1978 में अपने करियर का श्रीगणेश किया था। उन्होंने देहरादून में कैंब्रियन हॉल स्कूल, शिमला में सेंट एडवर्ड स्कूल और भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से शिक्षा ली है। आईएमए में उन्हें सर्वश्रेष्ठ स्वोर्ड ऑफ ऑनर सम्मान से भी नवाजा गया था।

