नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आज फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और रिलायंस रिटेल के विलय से जुड़ी आपातकालीन मध्यस्थ के फैसले को लागू करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर फिलहाल 4 सप्ताह के लिए रोक लगा दी है। कोर्ट की सुनवाई कर रही पीठ ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड के अधिवक्ता हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी की दलीलों को सुनने के बाद अंतिम फैसला सुरक्षित रखा है। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग को भी आदेश दिया कि वे अगले 4 सप्ताह के लिए कोई आदेश पारित न करें।
इस विलय को चुनौती देने वाली कंपनी अमेजन की ओर से दलील दी गई है कि उसकी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड, फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं चाहता है और इस संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाने के आदेश से सहमति जताई है। अमेजन ने फ्यूचर समूह को पिछले साल सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र में मध्यस्थता के लिए नोटिस दिया था और कहा था कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड ने रिलायंस के साथ विलय करके उनके अनुबंध का उल्लंघन किया था।

