कोटद्वार: आज शुक्रवार को वैदिक मंत्रोचार के साथ पिंडी और हनुमानजी के महाभिषेक को करके कोटद्वार का प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री सिद्धबली महोत्सव की शुरुआत की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस अभिषेक में हिस्सा लिया। पूजा के साथ ही श्री सिद्धबली से सुख, शांति और समृद्धि की मनोकामना मांगी गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में जय सिद्धबली के जयकारे गूंजते रहे। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे ज्योतिषाचार्य पंडित देवी प्रसाद भट्ट के सानिध्य में 12 वेदपाठियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन शुरू हुआ। मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. जेपी ध्यानी, महोत्सव के संयोजक जीत सिंह पटवाल और कृषि विकास मंडी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ खोह नदी में गंगा पूजन किया गया।
इसके बाद 11 कन्याएं ढोल, दमाऊं और मशकबीन की धुन के साथ नदी से जल लेकर मंदिर आईं जहां पूजा अर्चना हुई। मंदिर में पिंडी पूजन और हनुमान की मूर्ति का महाभिषेक किया गया। हवन स्थल पर कलश की स्थापना के साथ श्री सिद्धबली का पूजन किया गया। यज्ञ में ज्योतिषाचार्य पंडित देवी प्रसाद भट्ट के सानिध्य में पंडित मनमोहन बेबनी, रितुनयन भट्ट, अनिल मदवाल और विनोद देवरानी बृजेश चतुर्वेदी, दीपक ध्यानी, आशीष कोटनाला, सिद्धार्थ नैथानी, योगेश रतूड़ी, महेश जुयाल, रमेश गौड़, राहुल दुदपुड़ी, ने पूजन और हवन किया।
शनिवार का शेड्यूल –सुबह 5:00 बजे पिंडी महाभिषेक।
– 7:00 बजे एकादश कुंडीय यज्ञ।
– दोपहर बाद 1:00 बजे

