मॉस्को /वाशिंगटन : पिछले कुछ समय से रूस-यूक्रेन संकट की खबरे सुर्ख़ियों में हैं जिसके चलते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अचानक बैठक हुई है। आपात बैठक में पश्चिमी देशों ने पुतिन के कदमों पर विरोध जताया है। डोनेत्स्क और लुहांस्क में सेना भेजने के रूस के एलान के बाद भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। भारत ने कहा है कि यूक्रेन व उसके आसपास के इलाकों में रह रहे 20 हजार से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी पहली चयन होगी। इसके अलावा रूसी टैंक डोनेत्स्क शहर की ओर जाते दिखाई दिए हैं। इसे लेकर यूक्रेन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे हर चुनौती के अपनी कमर कस चुका है।रूस-यूक्रेन विवाद पर केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी का भी बयान आया है। उन्होंने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लेकर कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की है।
आपको बतादें कि इस खतरे पर पुतिन के एलान के बाद अब ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव साजिद जावेद ने दावा किया है कि, रूस की फौज ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया है। अब ब्रिटेन उस पर कई कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।
क्या बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह –उन्होंने कहा कि, मुझे यकीन है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच बातचीत के बाद कोई समाधान निकलेगा।

