हल्द्वानी की ढोलक बस्ती, बनभूलपुरा आदि स्थानों पर रेलवे की भूमि पर बसे लोगों को हटाने के मामले में पूर्व सीएम हरीश रावत ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को सोशल मीडिया पर खुला पत्र लिखकर मांग की है जिसमें उन्होंने कहा है कि कानूनी पक्ष अपनी जगह सही है, लेकिन मानवीय पक्ष को देखते हुए कोई और रास्ता निकालना पड़ेगा, वर्षों से बसे हुए लोगों को हटाने का रेलवे, प्रशासन, पालिका का यह फैसला कानूनी पक्ष में नहीं है, यह एक मानवता का पक्ष भी है। हल्द्वानी कुमाऊं और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।यदि 50 हजार से ज्यादा लोगों को हटा दिया जाएगा तो, यह लोग बेकार हो जाएंगे। एक अशांति का वातावरण पूरे हल्द्वानी में और कुमाऊं के अंचल में फैलेगा। सीएम को संबोधित करते हुुए कहा कि कड़कड़ाती ठंड में आपने केवल कानूनी पक्ष देखकर या कानून के गलत इंटरप्रिटेशन के आधार पर 50 हजार लोगों से उनकी छत छीनने जा रहे हैं।
उन्होंने सीएम को रेलवे से बातचीत करने, गोला नदी के किनारे-किनारे रिवरफ्रंट डेवलप कर कुछ अतिरिक्त भूमि निकालकर रेलवे की जरूरत की पूर्ति करने की बात कही है।

