फूलदेई के त्योहार को लेकर आज देवभूमि में बड़ा उत्सव धूम धाम से मनाया जा रहा है। गांव से लेकर शहर तक फूलदेई को लेकर कार्यक्रमों का भव्य आयोजन हुआ है। उत्तराखंड में गांव से शहर तक के बच्चों में आज खासा जोश और ख़ुशी दिख रही है।ढोल-दमाऊं व अन्य वाद्ययंत्रों के साथ भव्य शोभा यात्रा निकाली गयीं हैं।
वसंत ऋतु के प्रवेश परउत्तराखंड का प्रसिद्ध लोक पर्व फूलदेई मनाया जाना शुरू हो गया है। यह एक प्रदेश का लोकपर्व है। इसमें छोटे बच्चे सुबह-सवेरे फूल लेकर लोगों की देहरियों पर रखते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। चैत्र मास की प्रथम तिथि को फूलदेई पर्व मनाया जाता है। फूलदेई त्योहार को फुलारी, फूल सक्रांति भी कहते हैं।इतना ही नहीं बल्कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों एवं विधायकों ने बच्चों से भेंट कर अपनी परंपरा से जुड़ने के लिए उत्साहवर्धन भी किया।
बोले गणेश जोशी –कैबिनेट मंत्री मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रकृति के त्योहार की बच्चों को हम सभी बधाई देते हैं और बोले कि प्रकृति संरक्षण हमारी संस्कृति में है। मंत्री ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि हर्ष की बात है कि हमारे बच्चों में अपनी संस्कृति और परंपराओं से लगाव बना हुआ है।

