गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के 1.19 लाख होमगार्डों का प्रोविडेंट फंड (पीएफ) अब काटा जाना तय हो गया है। इसकी पहल क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अभयानंद तिवारी ने कर दी है। आज तिवारी ने कहा कि महानिदेशक व कमांडेंट जनरल होम गार्डस को पत्र लिखा है जिसमें निर्देशित किया गया है कि होमगार्ड व उनके परिजनों को नियमों के तहत सामाजिक सुरक्षा के दायरे में किया जाता है और अब उनके मूल वेतन पर पीएफ कटौती की व्यवस्था को कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश में पुलिस होमगार्डों की ड्यूटी नेशनल इनफार्मेशन सेंटर (एनआईसी) से लगती है। रोजाना 716 रुपये ड्यूटी भत्ता मिलता है। जनवरी 2022 से दैनिक भत्ता तीन फीसदी बढ़कर 796 रुपये हो जाएगा। जिन होमगार्डों की ड्यूटी एनआईसी से लगती है, उन सबको पूरे महीने काम भी मिलता है। इस हिसाब से उन्हें प्रतिमाह करीब 23,880 रुपये अब से दिया जाएगा।
अगर नियमावली की मानें तो,15 हजार रुपये के मूल वेतन पर ही पीएफ कटौती होती है।
इसका संज्ञान लेकर ही क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने होमगार्डों के पीएफ कटौती का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि सरकारी व गैर सरकारी संस्थान भविष्य निधि के दायरे में आते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि पीएफ अब कटौती जरूरी है।

