कांग्रेस ने पेगासस जासूसी Pegasus project विवाद को लेकर मंगलवार को सरकार पर हमला और तेज कर दिया और मामले में संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराए जाने की मांग की। कांग्रेस ने अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा उठाते हुए कार्यवाही भी बाधित की।
इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तय करने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं ने संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुलाकात की। इनमें से कई नेताओं ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए दोनों सदनों में कार्यस्थगन नोटिस भी दिया था।
कांग्रेस प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि उसने पेगासस स्पाईवेयर खरीदा है या नहीं और इस संबंध में संयुक्त संसदीय जांच करानी चाहिए।
गोहिल ने पत्रकारों से कहा, हमने फोन टैपिंग के मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा और संविधान के तहत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर चर्चा करने के लिए राज्यसभा और लोकसभा दोनों में कार्यस्थगन नोटिस दिया था।
पार्टी की मांग है कि सरकार जासूसी और फोन टैपिंग मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने का आदेश दे।
पेगासस विवाद से सरकार का कोई लेना देना नहीं : प्रल्हाद जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को पेगासस जासूसी विवाद को लेकर विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इससे सरकार को कोई लेना देना नहीं है।
इसके बावजूद यदि विपक्षी दल इस मुद्दे को संसद में उठाना चाहते हैं तो वह नियमों के तहत इसे उठा सकते हैं। जोशी ने कहा कि इस बारे में सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री ने पहले ही इस बारे में (लोकसभा में) बयान दे दिया है।
ज्ञात हो कि सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए भारतीयों की जासूसी करने संबंधी खबरों को भारतीय लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने का प्रयास बताया था।

