रिपोर्ट: कोरोना ने स्वास्थ्य असमानताओं को और बढ़ा दिया

ऑक्सफैम की इंडिया इनइक्वालिटी रिपोर्ट 2021 के अनुसार सामान्य श्रेणी में आने वाले करीब 66 प्रतिशत परिवारों की बेहतर और दूसरों से साझा नहीं किए जाने वाले निजी स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच हैं, जबकि सिर्फ 25.9 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों के पास बेहतर, निजी स्वच्छता सुविधाएं हैं। एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 50 प्रतिशत अनुसूचति जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों को सामान्य श्रेणी के 18.2 प्रतिशत परिवारों की तुलना में गैर-कोविड चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

यह रिपोर्ट देश में स्वास्थ्य असमानता के स्तर को मापने के लिए विभिन्न सामाजिक आर्थिक समूहों में स्वास्थ्य परिणामों का विश्लेषण करती है। इसमें इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि कोविड-19 महामारी ने इन असमानताओं को और बढ़ा दिया है।

रिपोर्ट की महत्वपूर्ण बातें
-सामान्य श्रेणी के परिवारों की तुलना में अनुसूचित जाति के 12.6 प्रतिशत से अधिक परिवारों में बच्चों का विकास ठीक तरीके से नहीं हुआ।
-विशेषकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के मामले में हिंदू परिवार मुस्लिम परिवारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
-कम आय वालों को कोविड-19 से संक्रमित होने पर अन्य की तुलना में समुदाय में पांच गुना अधिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है।
-18.2 प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 33.9 प्रतिशत महिलाओं ने लॉकडाउन के दौरान चिंता, चिड़चिड़ापन, क्रोध और नींद की कमी का अनुभव किया।
-बालकों की तुलना में बालिकाओं का टीकाकरण कम रहा और ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण अधिक हुआ।
-अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के समुदाय में टीकाकरण अन्य की तुलना में कम रहा।
-जिन राज्यों में असमानताओं को कम करने और स्वास्थ्य सुविधाओं पर अधिक खर्च किया, वहां संक्रमण के मामले कम आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *