इस बुजुर्ग की कहानी सुन आपकी भी आंखें हो जाएंगी नम,क्यों लगा रहा कलेक्ट्रेट के चक्कर? 

चित्तौड़गढ़: ख़ुशी और अच्छे कर्मों का प्रमाण कहते हैं जब अपने बच्चे नाती पोते किसी बुजुर्ग को अंतिम समय पर कंधा दे लेकिन सोचिये जब 60 साल का बुजुर्ग इस बात के लिए चक्कर लगा रहा हो की वो अपने पोते का अंतिम संस्कार कर सके.इससे अधिक दर्दनाक कुछ हो सकता है ? जी हाँ ऐसी ही घटना हुई है 60 साल का बुजुर्ग आदमी जिसका नाम ओंकार लाल चारण है. यह कलेक्ट्रेट में चक्कर लगा रहा है ताकि वो इस का पोता घर से गायब हुआ था अब खेत में उसकी खोपड़ी मिली तब से यह बुजुर्ग सिस्टम के चक्कर लगा रहा है कि उसके पोते के शरीर के बाकी हिस्से बरामद करवा दो ताकि वह अपने पोते की थाने में पड़ी खोपड़ी का विधिवत अंतिम संस्कार करलु.

दरअसल,बुजुर्ग का पोता योगेश चारण साल 2016 में घर से निकला जो वापस नहीं आया था और पुलिस ने ना तो इसकी रिपोर्ट दर्ज की और ना ही इसकी सुनवाई की बाद में 2 साल बाद खेत में काम करने के दौरान एक खोपड़ी बरामद हुई पुराने विवाद के चलते बुजुर्ग ने आशंका जताई. पुलिस और प्रशासन के चक्कर लगाने के बाद 3 महीने बाद सैंपल लिए गए और यह पुष्टि हुई खोपड़ी उसके गायब हुए पोते योगेंद्र की है. उसके बाद शरीर के बाकी हिस्सों की बरामदगी और उसकी हत्या करने वालों को सजा दिलाने के लिए यह बुजुर्ग इंतजार कर रहा है

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