नई दिल्ली : शंभू बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है। नए जुड़ने वाले किसानों में युवा ज्यादा हैं। बीते रविवार को किसान आंदोलन के छठे दिन बाॅर्डर पर माहौल शांति का रहा,लेकिन शाम को उत्साह में कुछ नौजवानों ने रस्सी फांद कर आगे जाने की कोशिश की। उन्हें रोका गया।
बॉर्डर पर जुटे किसानों का रुख साफ है कि उनकी मांगे हल नहीं होंगी तो, दिल्ली कूच करेंगे। रविवार को निहंगों का जत्था भी शंभू बॉर्डर पहुंचा है। इस मौके पर बोले सो निहाल के जयकारों से सारा माहौल गूंज उठा। रविवार को खराब मौसम के चलते दिन में ठंडक बढ़ने के बावजूद किसानों के जोश में कमी नहीं आई है। किसानों ने महिलाओं के साथ लंगर बनाने के काम में सहयोग करने के साथ-साथ अपने भाषणों के जरिये नौजवानों में खूब जोश भरा। बाॅर्डर पर दिन भर किसानों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। दिल्ली जाकर मांगों को लेकर लड़ाई लड़ी जाए, क्योंकि किसान हर हाल में मांगें मनवाना चाहते हैं। किसान सुखविंदर ने कहा कि मैं घर पर बेचैन था और खुद को साथी किसानों की हालत का पता करने से रोक नहीं सका।

