प्रदेश के जंगलों में अतिक्रमण कर तैयार हुई है, 100 मजारें तोड़ी गयीं हैं। और अभी कई निशाने पर हैं। वन विभाग के अधिकारी बताते हैं वन भूमि पर धार्मिक स्थलों के नाम पर राज्यभर में एक हजार से अधिक अतिक्रमण हैं। प्रभागीय वनाधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए ऊपर से आदेश हुए हैं।
प्रदेश की वन भूमि पर अतिक्रमण कर तेजी से धार्मिक स्थलों पर निर्माण हुए हैं जिसमें मजारो की संख्या बढ़ने से सरकार के कान खड़े हो गए हैं। शासन के निर्देश के बाद वन मुख्यालय ने सभी आरक्षित और संरक्षित वन क्षेत्रों से धार्मिक स्थलों की जानकारी मांगते हुए अधिकारियों को इन्हें हटाए जाने के निर्देश दिए। गढ़वाल मंडल में 2294 और कुमाऊं मंडल में 9490 हेक्टेयर वन क्षेत्र में अतिक्रमण है।

