इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर के पटेल नगर में बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे में नगर निगम प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। इंदौर नगर निगम प्रशासन ने स्नेह नगर उद्यान में समय रहते कार्रवाई नहीं करने वाले भवन अधिकारी और बिल्डिंग इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भवन अधिकारी और बिल्डिंग इंस्पेक्टर के सस्पेंड करने के आदेश दे दिए हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हुए हादसे की जांच के चलते सील कर दिया है।
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि मंदिर में हुए भीषण हादसे के बाद उन्होंने इंदौर नगर निगम के एक भवन अधिकारी और एक भवन निरीक्षक को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नगर निगम शहर के ऐसे सभी प्राकृतिक जलस्त्रोतों को अतिक्रमण से मुक्त कराएगा, जिन पर असुरक्षित निर्माण के कारण हादसे हो सकते हैं। मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे में 36 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे को लेकर इस देवस्थान के ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों के खिलाफ शुक्रवार को गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल इस हादसे में अब तक 36 लोगों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। वहीं 18 लोगों को रेस्क्यूकर अस्पताल पहुंचाया गया है. इंदौर कलेक्टर इलैया राजा टी ने बताया कि मंदिर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। कलेक्टर ने बताया कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिए गए हैं। हादसे की वजह के साथ सरकारी एजेंसियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर कलेक्टर से हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए मुआवजे देने की घोषणा की है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार वहन करेगी। वहीं केंद्र सरकार ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
इंदौर घटना में शवों की संख्या बढ़ी,2 अधिकारी निलंबित

