नई दिल्ली : अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के गैर-मुसलमानों को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार 9 राज्यों के गृह सचिवों और 31 जिलाधिकारियों को दिया गया है। बताते चले कि इन देशों से आने वाले हिन्दुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाईयों को नागरिकता कानून, 1955 के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय की वर्ष 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इन तीन देशों के अल्पसंख्यक समुदाय के करीब 1,414 लोगों को नागरिकता कानून के तहत भारत की नागरीकता प्रदान की गई है।
केन्द्रीय गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, केन्द्र ने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले हिन्दुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाईयों को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार 2021-22 में और 13 जिला कलेक्टरों और दो राज्यों के गृह सचिवों को सौंपा है। रिपोर्ट में कहा गया है, इसके साथ ही 29 जिलों के कलेक्टरों और नौ राज्यों के गृहसचिवों को इन देशों से आने वाले गैर मुसलमानों को नागरिकता प्रदान करने का अधिकार है। पिछले महीने यह अधिकार गुजरात के आणंद और मेहसाणा के जिला अधिकारियों को भी दिया गया था।
अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले गैर-मुसलमानों को नागरिकता कानून, 1955 के तहत जिन नौ राज्यों में पंजीकरण से नागरिकता प्रदान की जा सकती है, वो है गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र।
इन देशों के गैर-मुस्लिमों को मिलेगी भारतीय नागरिकता : गृह मंत्रालय

