रंगभरी एकादशी पर जहां काशी विश्वनाथ धाम में बाबा और मां गौरा के साथ भक्त होली जमकर खेले जिसे मसान की होली कहा जाता है। मसान की होली में बाबा के गण और उनके भक्त जमकर खेलते हैं।भूत-प्रेत संग बाबा के गणों ने हरिश्चंद्र घाट पर चिता भस्म की होली खेली गई। देश-विदेश से इस होली को देखने घाट पर लोग पहुंचे थे। अबीर-गुलाल और भस्म उड़ाते हुए होली गीतों की धुन पर सभी के पांव थिरके ।
काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति की ओर से हरिश्चंद्र घाट पर संस्था के अध्यक्ष पवन कुमार चौधरी ने सुबह बाबा मशाननाथ का रुद्राभिषेक व पूजन किया। दोपहर में रवींद्रपुरी स्थित बाबा कीनाराम मंदिर में पूजन के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भूत-प्रेत, देवों की झांकी देखते बन रही थी। भूत-प्रेत के स्वरूप करतब दिखाते चल रहे थे। कहीं, शहनाई की धुन तो कहीं बैंडबाजे व ढोल-नगाड़े पर युवा थिरक रहे थे। डीजे पर होली गीत बज रहे थे। किन्नरों का दल भी लोकनृत्य कर रहा था। घाट पर करीब दर्जन भर ड्रोन कैमरे से भी इस अनूठी होली की जीवंतता को कैद किया गया।

