देहरादून : आज पूरे देश में मकर सक्रांति पर्व मनाया जा रहा है हालाँकि आज और कल दो दिनों में मकर संक्रांति पर्व पर दाल को लेकर संशय है। कई श्रद्धालु आज तो कुछ कल 15 जनवरी त्यौहार को मना रहे हैं। आज से सभी मंगलकार्यों की शुरुआत हो गई हो जाएगी। इस दिन भगवान सूर्य को खिचड़ी का भोग लगाने की परंपरा है। मकर सक्रांति पर्व उत्तरायण के नाम से भी कहा जाता है। इस दिन सूर्य उत्तर की ओर प्रस्थान करता है।
आज शास्त्रों के विशेषज्ञ बताते हैं कि इस वर्ष मकर संक्रांति की शुरुआत रोहणी नक्षत्र में होती है। जो शाम 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इस नक्षत्र में दान-धर्म के कार्य और पूजा करना बेहद फलदायी है।मकर संक्रांति पर ब्रह्म योग और आनंदादि योग भी रहेगा। सुबह भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है। रोहिणी नक्षत्र में दान-धर्म के कार्य और पूजा करना बेहद फलदायी होता है। ब्रह्म योग दुर्लभ योग है, जो सुख, धन और खुशियों का मानक है। आनंदादि योग आनंद प्रदान करता है।
तिल-गुड़, चावल-दाल की खिचड़ी आदि का दान करना भी शुभ माना गया है। शुक्रवार को पुण्य काल मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शाम 5 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। महापुण्य काल मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।

