मात्र आधे घंटे में पहुँच सकेंगे केदरनाथ,जानिए कैसे

देहरादून : प्रधानमंत्री नरेंद्र के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ रोपवे को नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड की हुई एक बैठक में आज मंजूरी मिल गई है। अगर यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है तो केदारनाथ तक पहुँचने में 8 घंटों की जगह सिर्फ 30 मिनट का ही समय लगेगा। बोर्ड की इसी बैठक में रामबाड़ा से गरुड़चट्टी मार्ग में लगभग 5.5 किमी के नए पैदल मार्ग की भी स्वीकृति मिल गई है।
केदारनाथ के साथ हेमकुंड साहिब रोपवे के बारें में प्रमुख सचिव (वन) आरके सुधांशु ने बताया कि इसके लिए नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड की अनुमति की जरूरत नहीं है। क्योंकि पहले ही वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने पहले ही हेमकुंड साहिब रोपवे निर्माण को स्वीकृति दे रखी है ।उन्होंने बताया कि इस बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था कि मंत्रालय से स्वीकृति मिलनेके बाद बोर्ड सेअनुमति लेने की कोई ज़रूरत नहीं है । आरके सुधांशु ने यह जानकारी भी दी कि दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे की मंज़ूरी मिल गई है। और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे के लिए मंत्रालय की अनुमति की ज़रूरत नहीं है। बता दें कि केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग से 18 किमी की पैदल दूरी है। इसे तय करने में यात्रियों को लगभग 8 घंटे का समय लगता है। वहीं रोपवे बनने से यह दूरी मात्र 30 मिनट में पूरी हो जाएगी।