नई दिल्ली : कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए भारत में तैयार की गई वैक्सीन कोवॉक्सिन को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मान्यता प्राप्त होने के बाद अब ये टीका अमेरिका और कनाडा में बच्चों को भी लगाया जाएगा। कोवॉक्सिन की सहयोगी संस्था आक्यूजेन ने इस बात की जानकारी दी है। अमेरिका और कनाडा में भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए उन्होंने यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन(एफडीए) के सामनेईन अपना आवेदन पेश किया है ताकि मंजूरी के बाद बच्चो को टीका लग सके। भारत बायोटेक ने जानकारी दी है कि एफडीआई को आवेदन भेजने से पहले भारत बायोटेक ने अपना दूसरा चरण का ट्रायल पूरा किया। यह ट्रायल दो से 18 साल के 526 बच्चों के ऊपर आजमाया गया है और इसी ट्रायल के नतीजों को एफडीआई के समक्ष दिया गया है। यह ट्रायल मई से जुलाई 2021 के बीच पूरा किया गया है।
इसमें दो से 18 वर्ष तक के बच्चों के ऊपर टीके का परीक्षण किया गया और वैक्सीन की प्रभाविकता की जांच की गई। यह जांच तीन आयु वर्ग के समूहों के बीच की गई। इसमें बच्चों को 2-6 वर्ष, 6-12 वर्ष और 12 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में बांट दिया गया और 28 दिन के अंतराल में इन बच्चों को वैक्सीन की दोनों खुराक दी गई हैं। 526 बच्चों के ऊपर किए गए ट्रायल में यह सामने आया कि वैक्सीन के दोनों डोज लगाने के बाद बच्चों में कोई गंभीर परेशानी नहीं हुई है। न ही उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि अगर किसी बच्चे को कोई समस्या आई थी तो, वह अपने आप 24 घंटे के अंदर बिलकुल ठीक भी हो गई। अधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत भी कोवॉक्सिन की दोनों डोज ले चुके लोगों में कोई गंभीर समस्या की रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

