चमोली की तरह ही रुद्रप्रयाग जिले में भी स्थिति है, यहां भी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लोहे के एंगलों और टिन के ढांचों पर ही है। सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं हैं। चमोली में सेफ्टी ऑडिट में इस बात का खुलासा है। डाट पुलिया स्थित एसटीपी में बरसात के चलते ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग का सारा पानी आ गया है। बिजली की तारें भी लोहे से बनी फर्श पर गिरी हुईं हैं। प्लांट तक जाने का रास्ता सही नहीं है। केदारनाथ तिराहा और बेलणी में बने प्लांट में भी सुरक्षा नहीं हैं। कर्मचारियों को बेहद कम मानदेय मिलता है और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। कर्मचारियों को करंट से बचाने के लिए जूते, ग्लब्स और विशेष ड्रेस मुहैया कराई जाएगी।
चमोली हादसे का सेफ्टी ऑडिट में खुलासा,पढ़े खबर !

