बाराबंकी : आपने अभी तक टेस्ट्यूब बेबी से इंसानों की गोद भरते सूना होगा लेकिन आज हम आपको बतादें हैं कि इस पद्धत्ति ने गाय के बछड़े भी जन्में हैं। दरअसल, राष्ट्रीय गोकुल मिशन पर काम कर रहे पशुपालन विभाग को बड़ी सफलता मिली है जिसमें पहली बार टेस्ट ट्यूब यानी इन विट्रो फर्टीलाइजेशन तकनीक से गायों में भ्रूण प्रत्यारोपण के माध्यम से दो बछड़े व दो बछिये जन्मी हैं। चारों पूरी तरह से स्वस्थ बताई जा रहे हैं। ख़ास बात ये है कि इस प्रक्रिया में 70 भ्रूण तैयार किए गए थे और सफलता सिर्फ चार में प्राप्त हुई है।
आपको बतादें कि यूपी के बाराबंकी पशुपालन विभाग ने पशुओं में नस्ल सुधार पर प्रयोग करने के लिए प्रयोगशाला स्थापित कर रखी है। यहां उन्नत किस्म के सांडों और गायों पर शोध किया जा रहा है। प्रयोगशाला में मुख्य रूप से मल्टी ओवुलेशन एम्ब्रयो ट्रांसफर तकनीक से नस्ल सुधार पर काम जारी है।
इस तकनीक में गाय के गर्भाशय में ही भ्रूण डवलप करते हैं। उसके बाद उसे दूसरी स्वस्थ गाय में उसको प्रत्यारोपित करने की प्रक्रिया होती है भ्रूण को विकसित करने वाली गाय को डोनर और बाद में उसे धारण करने वाली को सरोगेट मदर से जाना जाता है।

