देहरादून: कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के इस्तीफे की खबर के साथ ही उनके दिल में दर्द था वो भी सामने आया है। उनके करीबियों का मानना है कि वह बहुत दुखी हैं। आज हरक सिंह रावत ने उनसे अपना दर्द जाहिर करते हुए कहा कि अगर मैं कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज की मांग रहा हूं तो क्या अपने लिए कुछ मांग रहा हूं। इन्होंने मुझे पांच साल में भिखारी बना दिया है।
ख़बरों की मानें तो,उत्तराखंड के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत जहां अपने गऊसे के व्यवहार के चलते चर्चाओं में रहते हैं। वहीं कई मौकों पर वह भावुक भी हुए हैं। आपको बतादें कि कैबिनेट बैठक में नाराज होने और अपने इस्तीफे की घोषणा करने के बाद वह वहां से निकल गए। इस दौरान मीडिया कर्मियों सहित तमाम लोगों ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे कॉन्टैक्ट नहीं हो सका। उनका मोबाइल लगातार बंद था।
कांग्रेस में जाने की अटकलें हुईं तेज़ –
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के इस्तीफे के बाद अटकलों का बाजार काफी गरमाया हुआ है। प्रदेश में तमाम तरह की चर्चाओं का दौर भी शुरू है। सबसे ज्यादा चर्चा उनके कांग्रेस पार्टी का दामन थमने को लेकर शुरू है। इसके तुरंत बाद विधायक उमेश शर्मा काऊ के इस्तीफे की खबरें भी आने लगीं। यहां तक कहा गया कि हरक सिंह रावत शनिवार को हरिद्वार के नारसन बार्डर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्वागत में आयोजित होने कार्यक्रम में उनके साथ मंच भी इस्तेमाल किया है।
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, प्रदीप बतरा, उमेश शर्मा काऊ और कुछ अन्य विधायकों के भी कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा होती रहीं। चर्चाएं यहीं नहीं रुकी, यह भी कहा गया कि गुरुवार को हरक सिंह और हरीश रावत दोनों दिल्ली में थे। इस दौरान पहले उनकी हरीश से मुलाकात हुई। इसके बाद वह कांग्रेस पार्टी के महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल से मिले।

