हिंदू धर्म में गुरु को देवताओं से भी उत्तम दर्जा दिया गया है। इस का वर्णन हमारे पुराणों में भी हुआ है। पौराणिक काल से ही गुरु का स्थान देवताओं से ऊपर बताया गया है। संत कबीरदास भी गुरु के महत्व को समझाते हुए लिखा है-गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।। हर साल गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा भावना आस्था को व्यक्त करने के लिए आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का त्योहार 03 जुलाई, सोमवार के दिन मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यता के मुताबिक़, इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, इसीलिए इसे व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
गौरतलब है कि आज सोमवार को 2 जुलाई गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। आज शाम 6 बजकर 2 मिनट पर आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत हो गई है। जिसका समापन 3 जुलाई को रात 11 बजकर 8 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार गुरु पूर्णिमा का त्योहार 3 जुलाई को मनाया जाएगा।

