ब्लैक मनी पर सरकार सख़्त,स्विट्ज़रलैंड कर सकता है कई ख़ुलासे

बर्न : भारत में टैक्स चोरी रोकने, उसके भुगतान में सुधार करने और कालेधन की वापसी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने वर्ष 2018 में स्विट्जरलैंड के सूचना के स्वचालित आदान-प्रदान समझौता किया था। इस समझौते के बाद स्विट्जरलैंड की ओर से भारत ने वित्तीय खातों पर सूचना की चौथी लिस्ट प्राप्त की है। स्विस अथॉर्टी ने भारत समेत दुनिया के करीब 101 देशों के साथ उनके यहां के नागरिकों के द्वारा स्विस बैंकों में जमा की गई रकम वाले खाते को साझा किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्विट्जरलैंड ने कर मामलों में सूचनाओं के स्वत: अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान के लिए वैश्विक मानक अपनाने के लिए प्रतिबद्ध किया है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि भारत को नाम, पते, करदाता पहचान संख्या (टिन) और खाता संख्या और प्रत्येक रिपोर्ट करने योग्य व्यक्ति के खाते की शेष राशि प्राप्त हुई है, जिससे भेजे गए डेटा की सटीक जानकारी मिलती है।
बता दें कि स्विस अधिकारियों द्वारा ऑनली टैक्स के उद्देश्य के तहत स्विट्जरलैंड के बैंकों में जमा भारतीय नागरिकों के रकम और उसके खातों की तमाम जानकारियों को साझा करने की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। स्विस अथॉर्टी की ओर से भेजे गए आंकड़ों को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पास टैक्स से जुड़ी कार्रवाई के लिए सुरक्षित रखा जाता है। टैक्स की संभावित चोरी पर वैश्विक स्तर पर गुप्त बैंक खातों की जानकारियां हासिल करने के लिए सरकार की ओर से इस प्रकार के सख्त कदम उठाए गए हैं। सोमवार को स्विट्जरलैंड के फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन ने 101 देशों के साथ करीब 34 लाख वित्तीय खातों का ब्योरा साझा किया।