चंद्राचार्य चौक पर सौंदर्यीकरण का काम शुरू करते हुए श्री चंद्र भगवान की मूर्ति को हटा दिया गया। जिस पर संतों का गुस्सा फूट पड़ा Dispute।
इसके बाद कई संत चंद्राचार्य चौक पर धरने पर बैठ गए। गुस्साए संत अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह के लिखित माफीनामे के बाद माने।
अपर मेलाधिकारी ने एक माह के अंदर सौंदर्यीकरण का काम पूर्ण कराकर मूर्ति स्थापित करने का आश्वासन दिया।
आईजी कुम्भ संजय गुंज्याल ने भी मौके पर पहुंचे जिसके बाद संतों का गुस्सा शांत हो पाया।
दरअसल हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की ओर से चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
इसी को लेकर चंद्राचार्य चौक पर भी सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया गया। इस दौरान चौराहे पर लगी श्री चंद्र भगवान की मूर्ति को हटा दिया गया।
मूर्ति हटाने की कोई भी सूचना संतो को नहीं दी गई। जिस पर संतों का गुस्सा फूट पड़ा Dispute।
बड़ा अखाड़ा उदासीन के अध्यक्ष महंत महेश्वर दास, कोठारी महंत दामोदर दास समेत कई संत दोपहर में चंद्राचार्य चौक पर पहुंच गए।
संत ने विरोधस्वरूप घटना स्थल पर धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी मिली तो एचआरडीए सचिव व अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने संतो को मनाने का प्रयास किया, लेकिन संतों ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया।
जिसके बाद कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल मौके पर पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने संतो को लिखित में आश्वासन दिया कि एक माह के अंदर चौराहे का सौंदर्यीकरण कर पुनः मूर्ति स्थापित की जाएगी।
मेला प्रशासन ने चौराहे का काम पूरा होने तक पास में ही मूर्ति की स्थापना का कार्य भी शुरू कराया।
इस दौरान धरना देने वालों में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण आदि भी शामिल थे।
Dispute: मूर्ति हटाने पर भड़के संत, धरने पर बैठे

