बीजिंग : कोरोना संक्रमण के भयावह रूप के बाद देश में इसके नाम से भी लोगों का सहम जाना आम सा है। लेकिन अब फिर से चीन ने कोविड-19 के नए वैरिएंट JN.1 से संक्रमित सात लोगों के संक्रमित निकलने की बात कही है। देश के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल देश में इसका खतरा कम है। लेकिन अधिकारियों ने इस बात को भी साफ़ किया है कि आगे यह खतरनाक भी बन सकता है।
क्या है JN1 –
अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने जो बताया है उसके अनुसार, नया कोविड वैरिएंट BA.2.86 का ही वंशज है। इसे ‘पिरोला’ भी कहा जा सकता है और ओमीक्रॉन से आया है। अब तक संयुक्त राज्य अमेरिका में न तो JN.1 और न ही BA.2.86 आम बात है। साइंटिस्ट का कहना है कि JN.1 और BA.2.86 के बीच केवल एक ही बदलाव है। वायरस की सतह पर छोटे स्पाइक्स जैसा दिखाई देता है। इसी वजह से लोगों में वायरस का संक्रमण ज्यादा तेजी हो जाता है।
भारत में इसके होने के बारे में नेशनल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) कोविड टास्क फोर्स के वाइस प्रेसिडेंट डॉ राजीव जयदेवन ने बताया था कि ‘जेएन.1 भारत में, विशेष रूप से केरल में हाल ही में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि का एक प्रमुख कारक हो सकता है।’ भारत में पहली बार 13 दिसंबर को इसके बारे में जानकारी मिली थी। इसका कोई सबूत नहीं है कि जेएन.1 वर्तमान में अन्य वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है या नहीं।

