कांग्रेस प्रत्याशी का राज्यमंत्री पर बड़ा आरोप,कार्रवाई की मांग

ऋषिकेश : आज ऋषिकेश विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे जयेन्द्र रमोला ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय देहरादून में कॉन्फ्रेंस के ज़रिये सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल को घेरा। जिसमें जयेन्द्र रमोला ने कहा कि जहाँ एक तरफ  वित्तमंत्री *प्रेमचंद अग्रवाल* सरकार के खर्चे पर करोड़ों रुपए के होर्डिंग लगाकर राज्य के आमजनों व व्यापारियों को कर जमा करने पर व जीएसटी के बिल लाने पर इनाम व कर चोरी,राजस्व चोरी करने परसख्ती दिखा रहे हैं वहीँ दूसरी तरफ खुद राजस्व चोरी करके सरकार को चकमा दे रहे हैं। उन्होंने करोड़ों रुपये का सरकार को चूना लगाया है।

पूरा मामला- दरअसल, आज बुधवार को कांग्रेस प्रत्याशी जयेन्द्र रमोला ने प्रेसवार्ता कर कहा कि मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के पुत्र *पीयूष अग्रवाल* द्वारा 15 अक्टूबर को अपने साथी *नितिन तनेजा* के साथ मिलकर भूमिधरी भूमि साविक खाता खतौनी सं 66 फसली वर्ष 1400 से 1405 के अनुसार भूमि खसरा नं 152 / 292 के मध्य विकृति रकबा 200 वर्ग गज यानि 167.28 वर्ग मीटर स्तिथ मौजा तपोवन परगना तहशील नरेंद्रनगर जिला टिहरी गढ़वाल में भूमि खरीदी जिसकी रजिस्ट्री में यह बताया गया था कि विकृति भूमि खाली है और इसपर कोई पेड़ बाग का निर्माण नहीं हुआ है। जबकि इस भूमि  पर विक्रेता का भवन है। जो की आज भी वहीँ तैयार बना  हुआ है। खाली भूमि का सर्कल रेट 15221 रुपये प्रति वर्ग मीटर है जिसका मूल्यांकन सर्कल दर के अनुसार 2547000 रुपये बनता है जिसकी अदायगी क्रेता पक्ष द्वारा 103000 रुपये के  सरकार को अदा किए परन्तु उस पर बने मकान को रजिस्ट्री में नहीं दर्शाया गया जिसकी कीमत सर्कल रेट के हिसाब से लगभग 25 से 27 लाख रुपये  बनती हैं व उसका स्टांप शुल्क लगभग एक से डेढ लाख रुपए होना चाहिए जिसको मंत्री के पुत्र ने सरकार से छुपाने का काम किया हैं ये एक राजस्व चोरी है, और जयेन्द्र रमोला ने सरकार से इस पर कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा रजिस्ट्री विक्रय पत्र में *पीयूष अग्रवाल* के आधार कार्ड नंबर के अनुसार जो पता लिखा गया है वह ऋषिकेश का पता बताया जा  रहा है। जबकि पीयूष का आधार आधार कार्ड डोईवाला के पते पर बना है ये एक अपराध के श्रेणी में आता हैं।

सरकार से की मांग –उन्होंने ये भी कहा कि वित्त मंत्री और उनके परिवार द्वारा करोड़ों की अवैध संपत्ति की ख़रीद फ़रोख़्त हुई है इसपर केंद्र सरकार को प्रवर्तन निदेशालय के माध्यम से करवाई जानी चाहिए ताकि सभी संपत्तियोंकैसे को किस माध्यम से खरीदा गया है इसका पता चल सके।  रमोला ने कहा कि हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि उपरोक्त प्रकरण पर कार्यवाही सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में कोई भी सरकार को राजस्व का नुकसान न पहुंचा सके ।

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