लंदन : ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कहा है कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन पर वैक्सीन प्रभावी नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हम इस वैक्सीन का अपडेट वर्जन एस्ट्रेजेनेका के साथ मिलकर तैयार करेंगे। बता दें कि कि इससे पहले दवा निर्माता कंपनी माॅर्डना ने यह जानकारी दी थी कि कोरोना की रोकथाम के लिए बनाई गई वैक्सीन ओमीक्रोन पर ज्यादा असरदार नहीं हैं. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि ओमीक्रोन वैरिएंट के बारे में अभी किसी के पास भी जानकारी बहुत कम हैं , ओमीक्रोन पर वैक्सीन का क्या प्रभाव हैहमारी लैब में इस पर शोध चल रहा है। और हमारे वैज्ञानिक बहुत ही गंभीरता के साथ परिक्षण में जुटे हुए है।
कोरोना महामारी के बीच पिछले 1 साल में इसके कई वेरिएंट सामने आये हैं, बावजूद इसके वैक्सीन ने हर वैरिएंट के खिलाफ गंभीर बीमारियों से बचाया है. ऐसे में इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि यह नया वेरिएंट ओमीक्रोन पिछले सब वेरिएंट्स से अलग है।और अगर ओमीक्रोन के खिलाफ वैक्सीन के अपडेट वर्जन की जरूरत होगी तो उसे निश्चित ही विकसित किया जाएगा। बता दें कि पिछले दिनों दक्षिण अफ़्रीका में कोरोना का नया वैरिएंट ओमीक्रोन पाया गया था , उसके बाद सभी देशों में दहशत का माहौल है क्योंकि इस वैरिएंट की संक्रमण दर पहले के सभी वैरिएंट्स से बहुत तेज़ है और यह ज्यादा खतरनाक भी है।

