गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश का बेहद संजींदा आपराधिक मामला लखीमपुर खीरी का तिकुनिया हिंसा कांड में आज शुक्रवार को सीजेएम अदालत में आरोपी आशीष मिश्र मोनू की ओर से द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया गया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। आशीष मिश्रा पर 307 की धारा बढ़ने के बाद सीजेएम अदालत में जमानत अर्जी दर्ज की है।
आज सीजेएम अदालत में खुद को निर्दोष करार करते हुए। आशीष मिश्र मोनू ने जमानत पर रिहा किए जाने का निवेदन की अर्जी लगाईं थी। जिस पर प्रभारी सीजेएम मोना सिंह ने जमानत अर्जी की सुनवाई के बाद इसे संज्ञेय मामला कहते हुए बताते हुए आशीष मिश्र मोनू की द्वितीय जमानत अर्जी खारिज कर दी। बताते चलें कि तिकुनिया कांड मामले में नामजद आरोपी आशीष मिश्र मोनू की ओर से शुक्रवार को बदली हुई धाराओं के चलते द्वितीय जमानत अर्जी सीजेएम अदालत में पेश की गई।
आशीष मिश्र मोनू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। धारा 307 और 326 के साथ ही शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25/30 और 35 लगाई गई है, जो पूरी तरह से नाजायज है।

