मानसून में हो रही भारी बारिश के चलते अब तबाही का मंजर बनने लगा है,इसी कड़ी में जहां भूस्खलन की घटनाओं से सड़क हादसे हो रहे है गाड़ियां खाई में गिर रही हैं और आज खबर है कि हिमाचल प्रदेश में कुल्लू जिले के मणिकर्ण में बादल फटने से भारी नुकसान हो गया है और स्थानीय छलाल पंचायत के प्रधान चुनी लाल के अनुसार, बादल फटने से चोज में एक होमस्टे, कैंपिंग साइट और एक पैदल पुल बाढ़ की चपेट में आने से बह गया है। हादसे में चार लोग भी बह गए हैं। सभी लोग कामगार बताए जा रहे हैं। वहीं, किन्नौर जिले में भूस्खलन होने की वजह से एनएच-5 बंद हो गया है। हाईवे को खोलने के लिए टीम लग गई है
ख़बरों की मानें तो, मणिकर्ण और कसोल के बीच बुधवार सुबह करीब 5 बजे बादल फटने के घटना हुई। इसके अलावा जिला कुल्लू के अंतर्गत मणिकर्ण घाटी की पार्वती नदी के सहायक नाले चोज गांव में बुधवार सुबह पानी एकाएक बढ़ गया। इस वजह से पार्वती नदी के किनारे स्थित एक कैंपिंग साइट पूरी तरह से तबाह हो गई है। केपिंग साइट से कुछ लोगों के लापता होने की सूचना है। कुल्लू के अंतर्गत मणिकर्ण घाटी में बादल फटन से आई बाढ़ में मलाणा गांव के पास मलाणा पावर प्रोजेक्ट की एडिट 1 के समीप नाला में एक स्थानीय महिला शाजी देवी (उम्र 34 वर्ष ) पत्नी सिंगाराम निवासी साराबेहड़ मलाणा जिला कुल्लू के पानी में बहने की सूचना है।झाकड़ी के नजदीक ब्रोनी खड्ड के पास भूस्खलन होने से एन-एच-5 सुबह से बंद है।

