बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद पर सर्वे के बाद जहां आम जनता में चर्चाए जारी है वहीँ राजनीतिक गलियों में नेताओं के अलग अलग पक्ष और बयान आने लगे है जिस कड़ी में सपा नेता अखिलेश यादव ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है उन्होंने ज्ञानवापी और मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि केस को लेकर जारी कानूनी लड़ाई के बीच छिड़ी जंग में कहा कि ‘कहीं भी पीपल पेड़ के नीचे पत्थर रख दो, लाल झंडा रख दो, मंदिर बन गया’ इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है।
बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि अखिलेश यादव ने विवादित बात कही है जिससे हिंदू आस्था को ठेस पहुंची है। भाजपा नेता ने कहा कि यह वही अखिलेश यादव है, जिनकी राजनीति निर्दोष रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली पार्टी पर आधारित है। अखिलेश ने हिंदू साधु संतों को चिलमची भी कहा था। उनकी विचारधारा कांग्रेस से मेल खाती है.पूनावाला यह भी कह गए कि कांग्रेस के साथ मिलकर सपा 70 साल तक राम मंदिर का विरोध करने में लगी है। ये वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसे बयान देते रहते हैं। कांग्रेस ने रामसेतु को नष्ट करने की साजिश रची थी। ये अपने वोट बैंक को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाकर हिंदुओं का अपमान करते उनका मखौल उड़ाते हैं।
ज्ञानवापी पर अखिलेश यादव के तीखे बोल,कहा-‘कहीं भी पत्थर रख दो, मंदिर बन गया’

