नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों को लेकर दो दिनों तक राज्य से जुड़े पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की और अब जल्द ही पार्टी की राज्य इकाई में कुछ प्रमुख संगठनात्मक बदलाव किए जाने तय हैं। राहुल गांधी की ओर से की जा रही इस कवायद का मकसद चुनाव तैयारियों की समीक्षा करना और रणनीति बनाना है। बहुत जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नए नेता और कुछ अन्य नियुक्तियों पर फैसला हो सकता है।
गुटबाजी से कितना बच पाएगी कांग्रेस
कांग्रेस आलाकमान उत्तराखंड में इस तरह से नियुक्तियां करने की कोशिश में है कि पार्टी में गुटबाजी न हो और गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडलों के बीच क्षेत्रीय संतुलन एवं जातीय संतुलन को साधा जा सके। हरीश रावत, प्रीतम सिंह व किशोर उपाध्याय तीनो इस प्रयास में हैं कि उनको या उनके किसी करीबी नेता को उत्तराखंड कांग्रेस की कमान मिले।
अगर प्रीतम सिंह को विधायक दल के नेता की कमान सौंपी जाती है तो फिर ब्राह्मïण नेता किशोर उपाध्याय को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
उत्तराखंड कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को पार्टी की चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाए जाने पर विचार चल रहा है। इस फ़ार्मूले से हाईकमान तीनो को साधने की कोशिश में है।

