नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण के मामले की सुध अब सुप्रीम कोर्ट ने ली है। कोर्ट ने इस मुद्दे पर अब सख्त रुख दिया है। दिल्ली सरकार से कोर्ट ने पुछा है कि राजधानी में प्रदूषण इस हद तक बढ़ चुका है, तो आखिर स्कूल क्यों खुले हैं? सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार वयस्कों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा लागू कर सकती है, बच्चो को विद्यालय जानें पर मजबूर न किया जाए आखिर क्यों स्कूल जाने के लिए प्रेशर दिया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार को वायु प्रदूषण रोकने के लिए 24 घंटे के अंदर योजना के साथ पेश होने के लिए कहा। कोर्ट ने कहा कि अगर यह दोनों सरकारें प्रदूषण रोकने में कोई कदम उठाने में चूकती हैं, तो हम इस बारे में आदेश देंगे। सर्वोच्च न्यायालय अब इस मामले में कल सुबह 10 बजे सुनवाई होगी।
न्यायालय ने ये भी कहा कि,”हमें लगता है वायु प्रदूषण के मुद्दे पर कुछ काम नहीं हो रहा है। इसका स्तर लगातार खराब हो रहा है। इस पर केंद्र सरकार ने कहा कि उद्योग तय मानकों का पालन नहीं कर रहे थे, उन्हें बंद कराया गया है और इस बारे में राज्य सरकारों को भी जानकारी दी गई। केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार की तरफ से चीजें तेज गति से चल रही हैं ।
कोर्ट ने कहा, “हम औद्योगिक और वाहनों के प्रदूषण को लेकर गंभीर हैं। आप किसी के कंधे पर रखकर बंदूक नहीं चला सकते। आपको कदम उठाने ही होंगे। आखिर स्कूल को खुला क्यों रखा गया है।

