देहरादून :दक्षिण अफ्रीका समेत दुनिया के कई देशों में जानलेवा कोरोना महामारी के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के फैलने के बाद जहां सब कुछ खराब है, दूसरी तरफ नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की पहल पर दक्षिण अफ्रीका से चीतों को भारत लाए जाने का मामला एक बार फिर से ठन्डे बस्ते में है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों की एक टीम इसी सप्ताह दक्षिण अफ्रीका जाना तय था, जहां से 10 चीतों को भारत लाए जाने की तमाम सभी औपचारिकताएं की गई। संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम को दक्षिण अफ्रीका भेजे जाने का फैसला अभी फिलहाल टाला है। देश में कम हो रहे चीतों के मद्देनज़र वो एक बार फिर जंगलों में दिखाई दे, इसके लिए एनटीसीए की पहल पर दक्षिण अफ्रीका से 40 चीतों को भारत लाए जाने की योजना बनाई गई। दोनों देशों की सरकार के बीच इस पर सहमति भी बन चुकी है।
भारतीय वन्यजीव संस्थान के डीन एवं वरिष्ठ वन्यजीव विज्ञानी डॉ लवाईवी झाला के मुताबिक, कोरोना को लेकर स्थितियां सामान्य होगी तो संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम को नए सिरे से दक्षिण अफ्रीका भेजने पर कोई निर्णय लिया जाएगा।अभी वर्तमान में पूरी दुनिया में सिर्फ 12400 चीतें शेष हैं। सबसे ज्यादा 2,500 चीते नामीबिया के जंगलों में पाए जाते हैं।
“ओमिक्रोन वायरस” के चलते दक्षिण अफ्रीका से 40 चीतों को भारत में लाने का मामला ठंडे बस्ते में

