अभी तक आपने रिहायशी या व्यावसायिक आदि जमीनों को लेकर ही धोखाधड़ी के मामले सुने होंगे Harki Paudi
लेकिन हरिद्वार में एक ऐसी धोखाधड़ी का आरोप लगा है जिसने हर किसी को चौंका कर रख दिया है।
यहां माँ बेटे द्वारा मिलकर प्राचीन मंदिरों को धोखाधड़ी कर लाखों रुपये में बेचने का मामला दर्ज हुआ है।
इतना ही नहीं इन दोनों पर मंदिरों से जुड़े ट्रस्ट की अन्य संपत्तियों को भी बेच देने के आरोप लगे हैं।
ट्रस्ट के सचिव की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विशाल शर्मा पुत्र स्व. शंकर शर्मा निवासी दुर्गा नगर भूपतवाला ने कोतवाली में तहरीर दी।
तहरीर में बताया गया कि कौरा देवी पत्नी स्व. रघुवंशपुरी ने अपनी वसीयत कर 11 सितंबर वर्ष 1980 में महंत रघुवंशपुरी कौरा देवी ट्रस्ट का निर्माण किया था।
ये ट्रस्ट सुचारु रुप से वर्तमान में काम कर रहा है।
तहरीर के अनुसार मोहित पुरी पुत्र रामपुरी उर्फ प्रसन्न कुमार व उसकी माता पुष्पा पुरी ने ट्रस्ट के स्वामित वाले हरकी पैड़ी स्थित मंदिर तथा अन्य संपत्तियों को कौरा देवी का वारिस बताकर धोखाधड़ी से बेच डाला है।
जबकि कौरा देवी की 20 नवंबर वर्ष 1978 की पंजीकृत निरस्तीकरण में रामपुरी उर्फ प्रसन्न कुमार या उसके किसी भी उत्तराधिकारी का कौरा देवी की संपत्ति पर कोई वास्ता न होने की बात स्पष्ट रूप से लिखी हुई है।
बीती 17 जनवरी को ट्रस्ट के सचिव विशाल शर्मा ने इसकी जानकारी मोहित पुरी को दी Harki Paudi
आरोप है कि मोहित ने ट्रस्ट के सचिव विशाल को गाली गालौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले में तहरीर आने के बाद पुलिस ने दोनों माँ और पुत्र के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसकी पुष्टि कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने की है।
वहीं विशाल शर्मा ने बताया कि मोहित और उसकी माँ ने हरकी पैड़ी स्थित प्राचीन गंगा मंदिर 30 लाख, अष्टखम्बा मंदिर 47 लाख तथा भीमगोड़ा स्थित काली मंदिर 21.5 लाख रुपये में बेच डाले हैं।
Harki Paudi: हरकी पौड़ी का गंगा मंदिर 30 लाख में बेचा, मामला दर्ज़

