हंगामे के बीच टली सदन की कार्यवाही 

नई दिल्ली : डीएमसी अधिनियम 1957 के मुताबिक़, महापौर और उप महापौर का चुनाव निकाय चुनावों के बाद होने वाले पहले सदन में होता है। लेकिन नगर निकाय चुनाव दो महीने पहले ही हुए हैं। दिल्ली को अभी मेयर अभी मिला नहीं हैं। पीठासीन अधिकारी ने भी बताया है कि जिन लोगों को वोट नहीं करना है वह सदन से बाहर निकले, इसके बाद से हंगामा तेज हो गया है। आप पार्षद लगातार वापस जाओ, वापस जाओ के नारे लगे। बढ़ते हंगामे के चलते पीठासीन अधिकारी ने सदन को अगली तिथि के लिए स्थगित कर दिया और इस तरह आज भी मेयर का चुनाव  नहीं हुआ। 10 मिनट के स्थगन के बाद पीठासीन अधिकारी सदन में फिर से अपनी चेयर पर आयीं।

स्थाई समिति की पूर्व अध्यक्ष रहीं भाजपा पार्षद शिखा राय ने पीठासीन अधिकारी के सामने मांग को  रखा है। आम आदमी पार्टी के दो विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी व एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज है इसलिए उन्हें वोट देने का हक ना हो। इसके बाद सदन में फिर से हंगामा हुआ। दिल्ली की जनता के जनादेश को स्वीकार कीजिए। मेयर का चुनाव होने दीजिए।

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