नई दिल्ली: कोरोना के बाद येलो वायरस ,ओमिक्रोन और भी कई अन्य संक्रमण ने देश में डर और दहशत पैदा की लेकिन कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ने अहम्की भूमिका निभाई इसी कड़ी में अब मानकीपॉक्स वायरस से बचाव के टीके को लेकर देश की दो बड़ी नामचीन कंपनियों के बीच खींचतान जारी है।
पिछली बार कोरोना रोधी कोवाक्सिन बनाने के लिए हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी प्रथम रही जिसके बाद इस बार पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) भी सरकार के साथ मिलकर मंकीपॉक्स का टीका तैयार करने की इक्षा जताई है।इन दोनों ही कंपनियों ने अभी तक अपनी दावेदारी नहीं सौंपी है। जबकि स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठक में इस बात को कहा जरूर गया है।
बैठक में किया दावा :
सप्ताह के मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के साथ वर्चुअल बैठक में भारत बायोटेक और सीरम दोनों कंपनियों ने जल्द से जल्द मंकीपॉक्स का तोड़ निकालने के लिए कहा था और दावा किया था कि जीवित वायरस की आवश्यकता पड़ेगी जिसमें आईसीएमआर सहयोग करने के लिए तैयार है।
अंकलेश्वर में बनाएंगें टीका
बैठक में भारत बायोटेक कंपनी के चेयरमैन डॉ. कृष्णा एला ने कहा, टीका गुजरात के अंकलेश्वर में बनेगा। अभी तक दुनिया में दो ही स्थानों पर टीका बन सकता है जिसमें एक अंकलेश्वर में है

