बड़ी खबर है कि आज बुधवार को ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटीज एम्प्लाइज फेडरेशन ने ‘भारत बंद’ की घोषणा की है। जानिए इस भारत बंद का प्रभाव किन सेवाओं पर हो सकता है। बामसेफ के अध्यक्ष वामन मेश्राम ने बताया है कि हमारे भारत बंद में राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन मुक्ति मोर्चा और कई अन्य संगठनों ने भी साथ दिया है।आपको बतादें कि इस विषय पर समाजवादी पार्टी के नेता अनुराग भदौरिया ने कहा है कि हिंदुस्तान में कई जातियां निवास करती है। उन सभी लोगों की हम जाती जनगड़ना की उम्मीद करते है।लेकिन इसमें दिक्कत भी क्या है। चुनाव के समय तो भाजपा बहुत तेजी से जाति और धर्म का मुद्दा ऊपर कर रही थी लेकिन जातिगत जनगणना की बात आती है मुँह छुपाती है।
मुख्यतः बिहार और ईवीएम का मुद्दा यूपी में अधिक उठ रहा था इसलिए इसका असर यूपी में होगा।
ये सेवाएं प्रभावित-किसानों को एमएसपी की गारंटी
चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं
जाति आधारित जनगणना।
निजी क्षेत्र में एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण।एनआरसी/सीएए/एनपीआर का कोई कार्यान्वयन नहीं।पुरानी पेंशन योजना की बहाली
ओडिशा और मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण में पृथक निर्वाचक मंडल।
पर्यावरण संरक्षण की आड़ में आदिवासी लोगों का विस्थापन नहीं।
टीकाकरण को वैकल्पिक बनाना।
कोविड -19 लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों के खिलाफ गुप्त रूप से बनाए गए श्रम कानूनों के खिलाफ संरक्षण।

