पढ़िए JN.1 से जुड़ीं 10 अहम बातें,ऑस्ट्रेलिया से घूमकर आए चार लोग कोरोना संक्रमित

नई दिल्ली : कोरोना वायरस के जेएन.1 वैरिएंट पर बढ़ती चिंताओं के बीच ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों से सतर्क रहने की हिदायत दे रहा है। डब्ल्यूएचओ की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन कहा है कि तत्काल घबराने की कोई आवश्यकता तो नहीं है , लेकिन सुरक्षा ही बचाव है। अभी वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में दर्ज किया है। वैरिएंट ऑफ कंसर्न करार दिए जाने तक इससे घबराने की जरूरत नहीं है। हमें लापरवाही से बचना होगा। उधर भारत में बीते पांच सप्ताह से कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में नया उप स्वरूप जेएन.1 निकला है हालाँकि अभी इससे कोई मौत नहीं हुई है लेकिन आज शुक्रवार की खबर के मुताबिक़ कोरोना से केरल में एक मौत हुई है।  एक सप्ताह में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए आए मरीजों के सभी सैंपल में यह नया उप स्वरूप मिला है,देश के 11 राज्यों में कोरोना बढ़ रहा है।

 
आपको बतादें कि खबर है कि ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर से घूमकर लौटे पांच कोरोना संक्रमित निकले हैं इनमेसे एक की रिपोर्ट अभी   जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजी गई है। इसमें चार लोग दिसंबर की शुरुआत में और एक महिला बुधवार को संक्रमित मिली थी। रिपोर्ट में कोरोना के संक्रमण के स्वरूप की जानकारी मिल सकेगी।
    1. भारत में अब तक JN.1 सब-वैरिंएट के 26 मामले निकले हैं जिनमें 25 मामलों में से 19 गोवा में, चार राजस्थान में और एक-एक केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र में सामने आए हैं।
  • गोवा में पाए गए JN.1 वैरिएंट के सभी 19 मामले स्वस्थ भी हुए हैं और मरीजों से एकत्र किए गए नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग के दौरान इस वैरिएंट का पता लगाया गया था।
  • विशेषज्ञ ने बताया है कि  जेएन.1 वैरिएंट वाले मरीजों में हल्के लक्षण पाए गए थे अब वो सभी ठीक हैं।
  • बीते बुधवार को जेएन.1 सब-वैरिएंट के दो मामले जैसलमेर में सामने आए। दो जयपुर में सामने आए थे.
  • भारत में 594 ताजा कोविड-19 मामले दर्ज किए गए। देश में अब सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 2,669 पहुंच गई है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने JN.1 को वर्तमान सबूतों के आधार पर कम जोखिम वाला है।मूल वैरिएंट BA.2.86 से अलग और वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के तौर पर बताया जा रहा है।
  • इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में हर 24 में से एक व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है। लंदन इससे सबसे अधिक प्रभावित है।
  • इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में कोरोना की प्रसार दर 4.2% है। लंदन में यह दर 6.1% रिकॉर्ड की गई है।
  • यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की एक संयुक्त रिपोर्ट बत्ती है कि ये वायरस 18 से 44 साल की उम्र के लोगों को ज्यादा तेजी से चपेट में लेता है।
  • रिपोर्ट में बढ़ते मामलों का कारण ठंड का मौसम, छोटे दिनों और सर्दी के मौसम में बढ़ते सामाजिक मेलजोल को बताया गया है।

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