जिलाधिकारी की अध्यक्षता समिति की तरफ से 1 लाख रुपये का जुर्माना निजी स्कूलों पर लगाया गया है। एकाएक स्कूलों के प्रबंधक हरकत में आए हैं और बीते दिन बुधवार दोपहर बाद तक 81 स्कूलों ने जिला शुल्क नियामक समिति को विद्यार्थियों की फीस वापस करने की पूरी जानकारी दी है। स्कूल प्रबंधकों ने समिति के सचिव और जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर को सूचित भी कर दिया है। देर शाम तक जानकारी देने वाले स्कूलों की संख्या बढ़ती रही। बावजूद 100 स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगा है।
जिले के ज्यादातर स्कूल प्रबंधक अपनी मनमानी करते आए हैं। आरटीई के अंतर्गत पिछले आठ वर्षों से स्कूलों ने अभिभावकों और विद्यार्थियों को गेट से लौटाया जा रहा है। कई बार शिक्षा अधिकारियों के कॉल करने के बाद भी स्कूल प्रशासन कुछ हरकत में नहीं आते हैं जिसकी दिक्कत जरुरत मंद बच्चो को होती है।

