हरिद्वार: कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर रोक से एक दिन पहले ही पहुंच गए लाखों श्रद्धालु

हरिद्वार में कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर रोक लगने के बावजूद लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। गंगा भक्त रोक के एक दिन पहले ही स्नान करने धर्मनगरी पहुंच गए। हालांकि प्रदेश के सभी बॉर्डर पर चौकसी बरतने के साथ लोगों के हरिद्वार में आने पर रोक लगी हुई थी, लेकिन गंगा घाटों पर उमड़ी भीड़ को देखकर नहीं लगा कि बॉर्डर पर चेकिंग करने के बाद ही वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही हो।
कार्तिक पूर्णिमा पर देश के कौने—कौने से भारी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए आते हैं। सबसे ज्यादा यात्री हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आते हैं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान का धार्मिक महत्व होने के चलते श्रद्धालु स्नान करने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते हरिद्वार में जिला प्रशासन ने कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर रोक लगा दी थी। साथ ही प्रदेश की सभी सीमाओं पर नाकेबंदी करने के आदेश दिए गए थे। राज्य की सीमाओं के साथ साथ कई जगहों पर पंपलेट भी लगाए गए थे, ताकि कार्तिक पूर्णिमा पर संशय न रहे।
किंतु कार्तिक पूर्णिमा के एक दिन पहले रविवार को गंगा स्नान करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच गए। उन्होंने ब्रह्मकुंड सहित मालवीय घाट, सुभाष घाट, नाई सोता घाट आदि पर जमकर डुबकी लगाते हुए पुण्य कमाया।
उधर प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के स्नान हेतु हरिद्वार आने पर रोक लगाने से धर्म जगत सहित व्यापारियों में भी खासा गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान से कोरोना के चलते चौपट हुए व्यापार के उबरने की उम्मीद थी, लेकिन प्रशासन ने उस पर रोक लगा दी है। लोग स्नान पर रोक लगाने के निर्णय पर सवाल उठा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *