प्रदेश में आयुष चिकित्सकों को डीएसीपी का लाभ न दिए जाने को राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. डी सी पसबोला ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनके अनुसार एलोपैथ चिकित्सकों को कई वर्षों से डीएसीपी का लाभ दिया जा रहा है। सरकार की ये दोगली व्यवस्था आयुष चिकित्सा पद्धति एवं आयुष चिकित्सकों के प्रति घोर उपेक्षा एवं भेदभावपूर्ण रवैये को प्रदर्शित करता है। इससे उत्तराखण्ड प्रदेश के आयुष प्रदेश होने पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। जहां एक तरफ सरकार सभी चिकित्सा पैथियों के समान होने की बात कहती है वहीं दूसरी ओर प्रदेश में आयुष चिकित्सकों के साथ ये अन्याय किया जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. के एस नपलच्याल ने बताया कि उनके द्वारा 15 मई व 22 अक्टूबर को सूबे के आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को पत्र भी प्रेषित किये गए हैं। प्रान्तीय महासचिव डॉ. हरदेव रावत द्वारा भी इस बाबत 31 जुलाई को पत्र भेजा गया था। मामले में अभी तक कोई कार्यवाही न होने पर उपाध्यक्ष डॉ. अजय चमोला ने भी इसे चिंताजनक बताया है। प्रान्तीय होम्योपैथिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमितराज सिंह नेगी ने भी इस विषय पर पत्राचार किया है।

