उत्तराखंड में बेरोजगारी दर अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी (CMIE) ने अपनी सर्वे रिपोर्ट जारी कर बताया कि राज्य में सितंबर माह में बेरोजगारी दर 22.3% रही है जो अगस्त 2020 में 14.13% प्रतिशत थी।
विदित हो कि मार्च 2020 में जब पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया था उस वक्त भी उत्तराखंड की बेरोजगारी दर 19.9 % थी, यानी आज के मुकाबले लॉकडाउन के वक़्त भी राज्य में इतनी बेरोजगारी नहीं थी।
देश के विभिन्न राज्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बेरोजगारी दर के मामले में उत्तराखंड शीर्ष पर है। इतना ही नहीं राष्ट्रीय औसत 6.8% से भी राज्य की दर 3 गुना से भी अधिक है।
CMIE हर महीने देश भर में बेरोजगारी को लेकर सर्वे कर उसके आंकड़े प्रकाशित करता है। देश के ग्रामीण व शहरी इलाकों में लेबर की उपलब्धता और मांग के आधार पर बेरोजगारी दर तय की जाती है। बेरोजगारी दर के मामलों में राज्यों के क्रम में उत्तराखंड अगस्त माह में सातवें पायदान पर था जहां से लुढ़क कर सितंबर में पहले स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में दूसरे स्थान पर 19.7% दर के साथ हरियाणा तथा तीसरे स्थान पर 17.4% के साथ त्रिपुरा है।

