केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों का आंदोलन अब तेज़ी पकड़ता दिख रहा है जिसके चलते देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग की जा रही है। देवस्थानम बोर्ड भंग करने के लिए केदारनाथ के तीर्थपुरोहित संतोष त्रिवेदी ने आज अपने खून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भेजा है। संतोष त्रिवेदी ने इस पत्र में तीर्थपुरोहितों की रक्षा के लिए जल्द देवस्थानम बोर्ड को भंग किये जानें की मांग की है। संतोष ने इस पत्र में ये भी कहा है कि सनातन धर्म की पहले की परंपराओं के साथ छेड़छाड़ किसी भी तरह हम बर्दाश्त नहीं करेंगें .
आज भगवन भोले की नगरी केदारनाथ में आंदोलनकारियों ने नारेबाजी कर जुलूस भी निकाला। केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में तीर्थपुरोहितों ने 58वें दिन भी क्रमिक धरना दिया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार देवस्थानम बोर्ड भंग नहीं करती, वे आंदोलनरत रहेंगे। एक सितंबर को जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में होने वाले प्रदर्शन में केदारघाटी के प्रत्येक गांव के निवासी शामिल हुए थे।
इतना ही नहीं बल्कि देवस्थानम बोर्ड के विरोध में भाजपा से जुड़े तीर्थपुरोहितों का अपनी पहले की सदस्यता को भांग करने का भी मामला चल रहा है। आपको बतादें कि अभी तक करीब 26 तीर्थपुरोहित पार्टी से निकल चुके हैं। प्रदेश सरकार पर झूठे आश्वासन देने, तीर्थपुरोहितों को बांटने और हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। इस मौके पर संतोष त्रिवेदी, शुभांशु शुक्ला, अंकुर शुक्ला, मुकेश बहुगुणा, राजकुमार तिवारी, चमन लाल सभी मौजूद रहे।

