किन्नौर भूस्खलन हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन में भी बस का नहीं मिला निशान,10 की मौत

शिमला/किन्नौर : आज हिमाचल प्रदेश के रिकांगपिओ से उत्तराखंड में हरिद्वार जा रही  एचआरटीसी की बस चट्टानों से गिरने की दुखद खबर ने सभी के दिलों को दहला दिया है।, सुबह हुए इस हादसे के बाद खबर मिल रही है की निगुलसेरी में पहाड़ से मलबा गिरने के कारण हुआ है।  आपको बतादें की करीब 30 लोग मलबे में फंसे हुए हैं। घटनास्थल से अब तक 13 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 10 लोगों की मौत हुई है।

एनडीआरएफ, सेना, पुलिस और स्थानीय लोग घायलों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर हर संभव मदद कर रहे हैं। सूत्रों से हवाले से खबर मिली है कि किन्नौर में भूस्खलन होने वाले स्थान पर अभी तक सड़क साफ करने के बाद भी यात्रियों और बस के मलबे में फंसे होने का कोई निशान नहीं है।

आईटीबीपी की टीमें बस को खोजने के लिए कई दिशाओं से नदीकी ओर गई,लेकिन इसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। घटनास्थल से अब तक 14 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 10 लोगों की मौत होने की खबर है। किन्नौर के एसपी एसआर राणा ने बताया है कि रेस्क्यू जारी है। करीब 30 लोगों के दबे होने की आशंका है। ताजा सूचना के अनुसार एक एचआरटीसी बस और यात्री अभी भी मलबे में दबे हुए हैं


घटनास्थल पर ड्रोन से भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एक ट्रक व यात्री गाड़ी(टाटा सूमो) को मलबे से निकाल लिया गया है। इस रेस्क्यू में 8 लाशें बरामद हुई है जिन्हे पोस्टमार्टम को भेजा गया है। अभी कुछ ही शवों की शिनाख्त हो पाई है बाकी का कोई का कोई पता नहीं लगा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का किन्नौर जिला भूस्खलन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। कई लोगों के फंसे होने की खबर है।इस घटना में करीब अभी और 50 -60 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।   

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