
हरिद्वार: गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने एक विवादित पुस्तक का हरिद्वार में विमोचन जब से किया है यह मामला शांत नहीं हो रहा है,और पुस्तक विमोचन का मामला तूल पकड़ चूका है जिसके चलते बीती 12.11,2021 को हरिद्वार में मुस्लिम समाज की ओर से वसीम रिजवी सहित कार्यक्रम में मौजूद रहे संतों के खिलाफ शहर कोतवाली में दो अलग-अलग तहरीरें दर्ज कराई गई हैं। इस तहरीर में जिनमें माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई है। आपको बतादें कि अभी दो दिन पहले ही पूर्व स्वामी यति नरसिंहानंद, स्वामी दर्शन भारती सभी हरिद्वार आए जहाँ वसीम रिजवी ने हरिद्वार में ही अपनी विवादित पुस्तक का विमोचन किया था।
सोशल मीडिया पर भी विवादित भाषण का वीडियो हुआ जारी –
जिस दौरान वसीम रिजवी और अन्य ने भी कुछ भाषण दिए थे। इस विवादित भाषण का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस मामले को लेकर मुस्लिम समुदाय और कई संगठनों ने कड़ी निंदा करते हुए अप्पति व्यक्त की है। पूर्व राज्यमंत्री फुरकान अली एडवोकेट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शहर कोतवाल राकेंद्र कठैत से मुलाकात की। ज्वालापुर कस्साबान निवासी राशिद अली की तरफ से तहरीर देकर वसीम रिजवी के विवादित किताब का विमोचन करने और भड़काऊ भाषण देकर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
तहरीर देने वालों में पार्षद इसरार अली, नावेद अख्तर, रियाज अली एडवोकेट, सलीम ख्वाजा, गुलबहार कुरैशी, अरशद ख्वाजा, शाहनवाज सिद्दीकी आदि शामिल रहे। दूसरी तरफ भारतीय पत्रकार संघ की ओर से दिलशाद अली, मीरा कटारिया, तनवीर खान आदि ने भी आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है इस मामलें पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या है वसीम रिज़वी का विवादित बयान ?
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को हरिद्वार में संतों की मौजूदगी में यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी की विवादित किताब ‘मोहम्मद’ का विमोचन किया गया था। जिस मौके पर वसीम रिज़वी ने बोला कि इस किताब से इस्लाम और मोहम्मद की असलियत दुनिया के सामने आएगी। इसके साथ ही उन्होंने खुद की हत्या की आशंका भी जताई। रिजवी ने कहा कि कुछ खतरनाक संस्थान हैं, जो आगामी 20 वर्षों में हिंदुओं अस्तित्व मिटाने की तैयारी में हैं।

