राज्य के प्रत्येक वाइब्रेंट गांव में पंचायत भवन और खेल का मैदान जरूरी है। स्थानीय युवाओं के सांस्कृतिक दल बनाए जाने का विचार हुआ है। उन्हें गाइड का प्रशिक्षण भी कराया गया। इससे उनकी आजीविका साधन जुट सकेंगे। ऐसे स्थानीय युवाओं को एक-दो साल तक मानदेय दिए जाने का इंतज़ाम भी किया जाएगा।
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने इस संबंध में अधिकारियों को आदेश दिए हैं। उन्होंने वाइब्रेंट गांवों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल सुविधाओं से पूरी तरह से चाक चौबंद करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गांवों को उनकी सांस्कृतिक, प्राकृतिक और पारंपरिक विशिष्टताओं को संरक्षित करते हुए उन्हें सुविधा संपन्न बनाने के प्रयास होने चाहिए।मुख्य सचिव ने कहा, वाइब्रेंट गांवों में स्थानीय निर्माण कला का इस्तेमाल होगा। कंक्रीट व स्टील का न्यूनत प्रयोग होना चाहिए। क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को संजोए रखते हुए निर्माण कार्य होना है।

