अनुज चौधरी को पहले से लग रहा था, कि उन पर हमला होने वाला हैं। इसलिए वह सुरक्षा को लेकर संजीदा रहते थे। सोसायटी से बाहर वह कभी अकेले नहीं निकलते थे। सरकारी गनर मिलने के बाद भी उन्होंने निजी सुरक्षा कर्मी भी लगाए हुए थे। उन्होंने सुरक्षा में हर माह एक लाख रुपये खर्च करते थे। दोस्तों और गनर से हमेशा घिरे रहने वाले अनुज चौधरी को बेखौफ बदमाशों ने सोसायटी में उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया है। असमोली ब्लॉक पर प्रमुख पद का चुनाव लड़ा था, इसके बाद वह अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे थे। चुनाव संपन्न होने के बाद अनुज की सुरक्षा से दो पुलिसकर्मी हटाए गए थे।
भाजपा नेता की हत्या,भारी सुरक्षा में भी नहीं बची जान

