चमोली जिले में नमामि गंगे परियोजना के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में करंट लगने से कई दर्दनाक मौतें हुईं हैं। वहां मौजूद एक शख्स ने अपनी आँखों देखी बतायीं हैं -उसने कहा कि मिनटों में मौत निगलती जा रही थी। मेरे होंठ, पीठ और हाथों पर छाले पड़ने लगे थे। जो जहां था वहीं गिर रहा था। एक के बाद एक शव रास्ते पर पड़े देखे तो मुझे कुछ समझ ही नहीं आया।
मैंने शवों के ऊपर से ही बिना रेलिंग को छुए नीचे झाड़ियों में कूदी।लेकिन जब मुझे होश आया तो, जिला अस्पताल में पहुँच गया था। शख्स को ऋषिकेश एम्स में उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। एम्स में उपचार के दो दिन बाद धीरेंद्र रावत घर पहुंचे तो उन्होंने आपबीती सुनाई।

