चंडीगढ़ : चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई होने जा रही है। अदालत ने 30 जनवरी को हुए मतदान के बैलेट पेपर मांगे हैं। अदालत ने मतदान और वोटों की गिनती की वीडियो फुटेज भी मांगी है। अदालत ने पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह से भी पूछताछ हुई जिसमें मसीह ने मान लिया है कि उन्होंने आठ वोटों पर मार्क लगाए थे। अदालत ने आज मंगलवार को दो बजे चुनाव का पूरा वीडियो और बैलेट पेपर्स को देखेगी और जाँच करेगी।
पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने भी माना है कि उन्होंने आठ बैलेट पेपरों पर निशान लगाए हैं, जिससे माना जा रहा है कि अब दोबारा लड़े जाएंगे। आठ बैलेट पेपर के निशानों को नजरअंदाज कर वोटों की गिनती होगी। ऐसा हुआ तो आप-कांग्रेस गठबंधन का मेयर बन सकता है।
इसके बाद 17 जनवरी को हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और यूटी ने दावा किया कि पार्षद अवैध हिरासत में नहीं है और सुरक्षा उनकी मांग पर उन्हें दी गई। अदालत ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के निर्देश दिए।
फिर उपरान्त 18 जनवरी को मेयर चुनाव के लिए पहुंचने पर आप और कांग्रेस पार्षदों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन किया गया औरपीठासीन अधिकारी के खराब स्वास्थ्य के कारण डीसी ने 6 फरवरी तक मतदान स्थगित हुआ था। आप ने 24 घंटे के भीतर चुनाव की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया।
23 जनवरी को हाईकोर्ट ने यूटी से 24 घंटे के भीतर अदालत में संभावित चुनाव की तारीख पेश के लिए कहा और कहा कि याचिका पर योग्यता के आधार पर फैसला करने की बात कही।
24 जनवरी को हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को फटकार लगाईं और 30 जनवरी को सुबह 10 बजे मेयर चुनाव कराने का आदेश दे दिया।
30 जनवरी को मेयर चुनाव में भाजपा ने गठबंधन को हराया। मनोज सोनकर मेयर बने। आप ने पीठासीन अधिकारी पर आठ वोट को अमान्य करार किए जाने के आरोप लगाए और हाईकोर्ट का रुख किया।
31 जनवरी को चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे और तभी उन्हें तुरंत राहत नहीं मिली । अदालत ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी किया है और तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।
5 फरवरी को अब आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। एससी ने पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह की आलोचना की और कहा कि यह स्पष्ट है कि उसने बैलेट पेपरों को विकृत किया। यह लोकतंत्र का मजाक है। हत्या है। इस आदमी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। 19 फरवरी को सुनवाई तय की गई।
18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले मनोज सोनकर ने मेयर पद इस्तीफा दिया है और आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों ने पार्टी छोड़ दी और भाजपा का दामन थामा है।
अब बीते दिन 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अनिल मसीह को फटकार लगाई। बैलेट पेपर मंगवाए और 20 फरवरी को फिर सुनवाई तय की। है। कल बुधवार को इसकी सुनवाई होगी।

